ख़ुदा के वासते बस घर मेरा आबाद कर दो
चलो अच्छा हुआ तुम लोग आए साथ मिलकर
ज़मीनों आसमां सागर सभी को शाद़ कर दो
अगर अपना पड़ोसी है मुसीबत में कहीं भी
जरूरत में जरुरत भर उसे इमदाद कर दो
किसी के प्यार में पड़ना मगर नाकाम होना
कहां तक ठीक है खुद को मियां बरबाद कर दो